बहुत पूचा पाची करने के बाद थोड़ी बहुत पता चली |
यह बस इतना है की दो लोग compare कैसे करते हैं , जब उनमे से एक चल रहा होता हैं | मगर असली बात तोह आब बताएँगे-
रिलेटिविटी-Einstein " s थिएरी
मानिये की एक गाड़ी है |उसमे 4 लोग बैठे हैं|उन चारो में एक बच्चा भी है जिसके हाथ में एक ball है| उस बच्चे ने 5 किलोमीटर की रफ़्तार से ball फेकी गाड़ी के अन्दर| आब ball की रफ़्तार 5 किलोमीटर है उस बच्चे की हिसाब से और बाकि आदमी जो बैठे हैं|मगर अगर कोई आदमी उस बल को बहार से देखता हैं तोह उसके हिसाब से ball किस रफ़्तार से चल रही हैं? जवाब है 35 किलोमीटर की रफ़्तार से क्युंकि जब बाचे ने जब बल बस हाँथ में पकड़ी थी तब भी वोह ball बहार के आदमी के हिसाब से 30 की रफ़्तार से चल रही थी because car's speed was 30 in which the child was sitting and when he throned the ball the speed of throwing added to the ball's speed so it became 30+5=35 k mph. और अगर आप किसी ऐसे कार में बैठे हों जो accelerate नहीं कर रही हो और आपनी direction नहीं बदल रही हो तोह आपको लगेगा की गाड़ी चल नहीं रही हैं|और अगर आप उस गाड़ी को आपनी धरती मान ले और सोचे तोह आपको पता चलेगा की धरती के घुमने की वहज से आप हर समय 1000 MPH की रफ़्तार से चल रहे हैं और galaxies के motion की वजह से आप हर समय लगभग 50000000 MPH की रफ़्तार से चल रहे हैं|तोह हम लोगो को यह नहीं पूछना कहिये की हमारी रफ़्तार क्या हैं हमको यह पूछना कहिये की हमारी रफ़्तार क्या है relative to कोई दूसरी चीज़|

mast hai yaar
ReplyDeletekya baat hai . i like it.
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